रायगढ़ . खरसिया हाईवे पर बरगढ़खोला के पास मंगलवार सुबह 4 बजे ट्रेलर और भूसी, वारदाना लदे ट्रक में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर और ट्रक का डीजल टैंक फट गया और दोनों वाहन आग के गोले में तब्दील हो गए। इसमें ट्रेलर के ड्राइवर और क्लीनर जिंदा जल गए। ट्रक चालक ने कूद कर किसी तरह जान तो बचा ली लेकिन उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। हाईवे के एक ओर का आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
देहजरी स्थित केएल एनर्जी कोल डिपो से ट्रेलर संख्या सीजी-04 एमसी-3457 के चालक जिब्राइल अंसारी और खलासी जसीमुद्दीन अंसारी निवासी गढ़वा झारखंड सोमवार रात 9 बजे कोयला लोड करके बिलासपुर के गतौरा स्टेशन जाने के लिए निकले थे। अलसुबह 4 बजे के करीब खरसिया के बरगढ़खोला हाईवे के पास ड्राइवर ने दूसरी तरफ जाने के लिए डिवाइडर के छोटे गैप से अचानक ट्रेलर मोड़ दिया। इसी बीच सक्ती से खरसिया की ओर भूसी लेकर आ रहे ट्रक संख्या- डब्ल्यूबी23सी-5055 पूरे रफ्तार से भिड़ गया।
टक्कर लगते ही ट्रक का डीजल टैंक फट गया और दोनों वाहनों से लपटे उठने लगी। वाहनों में आग लगते ही ट्रक के चालक रामेश्वर भरद्वाज और क्लीनर भूषण भारद्वाज कूद गए, लेकिन ट्रेलर के ड्राइवर और क्लीनर दोनों जिंदा जल गए।
ढाबे पर सो रहे थे, अचानक उठकर चले
देहजरी के केएल एनर्जी कोल डिपो से कोयला लेकर निकले ट्रेलर चालक और क्लीनर खरसिया के पटेल ढाबे पर आकर रुके थे। यहां पर दोनों खाना खाने के बाद रात में आराम करने लगे। सुबह 3:40 बजे अचानक दोनों उठे और ढाबे के कर्मचारियों से जाने की बात कह निकल पड़े। ढाबे से करीब 3 किलोमीटर दूर हादसा हो गया। इस बात की जानकारी होने के बाद पुलिस चालक को झपकी आने का अंदेशा व्यक्त कर रही है।
क्लीनर की 22 मार्च को थी शादी
गढ़वा झारखंड का रहने वाला जिब्राइल अंसारी काफी दिनों से रायपुर के इंद्रमणि मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड (बड्डा ट्रांसपोर्ट) में ट्रेलर चला रहा था। छह महीने पर घर जाने पर पड़ोस के जसीमुद्दीन ने साथ गाड़ी पर चलने की बात कही थी। लेकिन उसे साथ नहीं लेकर आया। काफी जिद करने पर 15 दिन पहले जिब्राइल ने जसीमुद्दीन को गाड़ी पर बुलाया था। जसीमुद्दीन के भाई सरफराज के मुताबिक गांव में ही शादी तय हो गई थी और 22 मार्च को उसकी शादी होनी थी। परिजन ने बताया कि ड्राइवर जिब्राइल के पिता अदसुद्दीन की वर्ष 2002 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वृद्ध मां के अलावा पूरे परिवार की जिम्मेदारी जिब्राइल पर ही थी।
जियारत को गए मां-बाप, मिली बेटे की मौत की खबर
जसीमुद्दीन के पिता जलील अंसारी और मां अजमेरुन दो दिन पहले अजमेर शरीफ जियारत करने के लिए गए थे। दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने बड़े बेटे सरफराज से घर का हाल चाल जानने के साथ ही छोटे बेटे जसीमुद्दीन से बात की। लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि छोटे बेटे से यह आखिरी बात है। मंगलवार सुबह दोनों दिल्ली से अजमेर जा रहे थे, तभी उन्हें बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर मिली।