सड़क नहीं बनने देना चाहते थे नक्सली, काम पूरा करने में 10 साल लगे, सांसद-विधायकों ने बाइक रैली निकाली

कोंडांगाव.  जिले में 10 साल पहले जिस सड़क को स्वीकृत किया गया था उसका निर्माण अब पूरा हुआ। नक्सलियों का इलाका होने की वजह से यह सड़क निर्माण समय पर नहीं हो सका। मगर आखिरकार सरकार और प्रशासन ने इस काम को पूरा किया। सड़का के उद्घाटन के मौके पर क्षेत्र के सांसद और विधायकों ने बाइक रैली निकाली। 150 किलोमीटर की इस नई सड़क से अब कोंडागांव से केशकाल और कांकेर जिला जुड़ गया है। करीब 100 से अधिक गांव इस रूट में हैं, जहां के लाखों लोगों का सफर अब आसान होगा। 
 


दर्जनों ठेकेदार नक्सल डर से छोड़ गए काम 
150 किलोमीटर की इस सड़क पर कोटगुड़ और बारदा नाम के गांव स्थित हैं। इन गांवों के नाम से ही नक्सली संगठन चलाते थे इन्हें कोटगुड बारदा दलम के नाम से जाना जाता था। पुलिस कैंप इन इलाकों में लगाए गए नक्सलियों को यहां से खदेड़ा गया। इस सड़क के लिए 15 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। नक्सली इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम रखने के मकसद से दर्जनों ठेकेदारों के और उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट कर चुके। सड़क निर्माण में लगी गाड़ियों को जलाया गया। कुछ सालों पहले नक्सलियों को इस इलाके से फोर्स ने खदेड़ा। 2018 में इस सड़क को बनाने का काम जोरों से शुरू हुआ जो अब पूरा हुआ। 



देवता के नाम पर रखा सड़क का नाम 
कलेक्टर नीलकण्ठ टेकाम ने बताया कि बाइक रैली को स्थानीय बोली में पुनांग हर्री त पण्डुम (नवीन सड़क निर्माण का उत्सव) नाम दिया गया है। चूंकि लिंगोदेव स्थानीय आदिवासियो के आराध्य देव कहलाते हैं इसलिए इस सड़क का नाम लिंगोदेव पथ रखा गया है। सड़क के लोकार्पण उत्सव में आयोजित बाइक रैली को उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बस्तर सांसद दीपक बैज, कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम, विधायक नारायणपुर चन्दन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष देवचन्द मातलाम, बस्तर आईजी पी सुन्दरराजन, पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए।